खोकर तुझे पाने से पेहेले
हम चल पड़े यूँ ही अकेले
मेरी हिम्मत नहीं है कहने की
तेरे साथ अब दो पल रहने की
मुझे खत्म तो करना न था
पर आगे दृश्य धुंधला ही था
अश्क़ों को इन बहने दूँ
सागर भर मैं आज रो लूँ
हमदर्दी की तेरी चददर कंधे से हटा
न सोचके क्यूँ मेरे हिस्से का प्यार बँटा
मैं चलता रहूँ रफ़्तार से
झूठी मुस्कान पहन कर
रिश्ते की माला तोड़ कर
उस धागे को छुपाकर सबसे
मुड़ न चाहूँ, मुड़ूँगा पीछे
घबराऊँगा न यादें बुलाने से
तेरे साथ क पलों को खोउंगा नहीं
खो जाउंगा सोच तेरी भोली आँखों में
तू जब-जब याद आएगी
मेरे दिल में कही तेरी बात घर कर जाएगी
मेरे जीने का सहारा
मेरे सपने नहीं, तेरी यादें ही बन पाएंगी ||
हम चल पड़े यूँ ही अकेले
तेरे साथ अब दो पल रहने की
मुझे खत्म तो करना न था
पर आगे दृश्य धुंधला ही था
अश्क़ों को इन बहने दूँ
सागर भर मैं आज रो लूँ
हमदर्दी की तेरी चददर कंधे से हटा
न सोचके क्यूँ मेरे हिस्से का प्यार बँटा
मैं चलता रहूँ रफ़्तार से
झूठी मुस्कान पहन कर
रिश्ते की माला तोड़ कर
उस धागे को छुपाकर सबसे
मुड़ न चाहूँ, मुड़ूँगा पीछे
घबराऊँगा न यादें बुलाने से
तेरे साथ क पलों को खोउंगा नहीं
खो जाउंगा सोच तेरी भोली आँखों में
तू जब-जब याद आएगी
मेरे दिल में कही तेरी बात घर कर जाएगी
मेरे जीने का सहारा
मेरे सपने नहीं, तेरी यादें ही बन पाएंगी ||